मुकेश पोपली की शायरी
Friday, December 14, 2012
तुम्हारी हस्ती में डूब जाने को बेताब हूं मैं
कुछ देर के लिए ही सही, तेरे साथ तो हूं मैं
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment